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घर में सुख-शांति के लिए वास्‍तु टिप्‍स

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'वास्तु' का अर्थ एक ऐसे आवास से है जहां के रहने वाले सुखी, स्वस्थ एवं समृद्ध हों। इसीलिए वास्तु विज्ञान में ऐसे अनेक तथ्यों को शामिल किया है जो कि किसी भी भवन के रहवासियों को शांतिपूर्वक रहने में सहायक होते हैं।

घर में टूटी-फूटी मशीनों को न रखें। जितनी जल्दी हो सके कोई भी टूटी हुई अथवा विकृत मशीन को चाहे वह छोटी हो अथवा बड़ी, घर से बाहर कर देना चाहिए। इनके घर में रहने से मानसिक तनाव तथा शारीरिक व्याधियां उस घर के रहवासियों को घेरती हैं।

जिस घर में एक पाए का पटिया या टूटा हुआ पटिया (पाटा) रहता है वहां आर्थिक हानि एवं मानसिक तनाव होते हैं। अतः घर में ऐसा एक पाए का पाटा न रखें।

झाड़ू को खड़ी करके कभी नहीं रखना चाहिए। उसे न तो ऐसी जगह रखनी चाहिए जहां उसे पैर लगें या उसे लांघा जाता हो। ऐसा होने पर घर में बरकत नहीं होती है। समृद्धि के स्रोतों में कमी आती है।

घर के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में कोई भी पालतू जानवर न बांधें। कुत्ते, मुर्गे एवं भैंसों के संबंध में तो और भी सावधान रहें, अन्यथा घर में परेशानियों का अंबार लगा रहेगा।

प्रत्येक घर में तुलसी का पौधा, सीता अशोक, आंवला, हरश्रृंगार, अमलतास, निर्गुण्डी इत्यादि में से कम से कम 2 पौधे अवश्य होने चाहिए। ये अमन एवं समृद्धिवर्द्धक हैं। 

कैक्टस का घर में होना अशांति देता है।

घर में नित्य ईश्वर का भजन-पूजन अवश्य होना चाहिए। पूजन करने वाले सदैव पूर्वाभिमुख अथवा उत्तराभिमुख होकर पूजन करें। 

घर में घी का दीपक अवश्य जलाएं।

घर के प्रत्येक कमरे में एक बार प्रकाश जरूर फैलाना चाहिए अर्थात घर के प्रत्येक कमरे को दिन में भले ही कुछ क्षणों के लिए ही, किन्तु प्रकाशित अवश्य ही करना चाहिए।

प्रत्येक घर में नित्य सुबह-सबेरे और संध्या के समय एक छोटा-सा गाय के गोबर से निर्मित कण्डा जलाकर उस पर मात्र 1 चुटकी भर चावल में घी

प्रत्येक घर में नित्य सुबह-सबेरे और संध्या के समय एक छोटा-सा गाय के गोबर से निर्मित कण्डा जलाकर उस पर मात्र 1 चुटकी भर चावल में घी मिलाकर डालना चाहिए। इस प्रयोग के नित्य करने से घर में आधि-व्याधियों का नाश होता है, घर की उन्नति होती है।

मकान का मुख्‍य द्वार

मकान का मुख्‍य द्वार दक्षिण मुखी (South facing) हैं तो ४-६ पद में मुख्या द्वार रखें (दक्षिण तरफ को 9 भाग में बांटे)। इसके लिए आप चुंबकीय कंपास लेकर जाएं। यदि आपके पास अन्‍य विकल्‍प नहीं हैं, तो द्वार के ठीक सामने बड़ा सा दर्पण लगाएं, ताकि नकारात्‍मक ऊर्जा द्वार से ही वापस लौट जाएं। 

ऊँ की आकृति

घर के प्रवेश द्वार पर स्वस्तिक या ऊँ की आकृति लगाएं। इससे परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

कलश रखें

घर की पूर्वोत्‍तर दिशा में पानी का कलश रखें। इससे घर में समृद्धि आती है।

खिड़की दरवाजे

घर के खिड़की दरवाजे इस प्रकार होनी चाहिए, कि सूर्य का प्रकाश ज्‍यादा से ज्‍यादा समय के लिए घर के अंदर आए। इससे घर की बीमारियां दूर भागती हैं।

ड्रॉइंग रूम

परिवार में लड़ाई-झगड़ों से बचने के लिए ड्रॉइंग रूम यानी बैठक में फूलों का गुलदस्‍ता लगाएं।

किचन

रसोई घर में पूजा की अल्‍मारी या मंदिर नहीं रखना चाहिए।

बेडरूम

बेडरूम में भगवान के कैलेंडर या तस्‍वीरें या फिर धार्मिक आस्‍था से जुड़ी वस्‍तुएं नहीं रखनी चाहिए। बेडरूम की दीवारों पर पोस्‍टर या तस्‍वीरें नहीं लगाएं तो अच्‍छा है। हां अगर आपका बहुत मन है, तो प्राकृतिक सौंदर्य दर्शाने वाली तस्‍वीर लगाएं। इससे मन को शांति मिलती है, पति-पत्‍नी में झगड़े नहीं होते।

देवस्‍थान

घर में शौचालय के बगल में देवस्‍थान नहीं होना चाहिए।

मास्‍टर बेडरूम

घर के मुखिया का बेडरूम दक्षिण-पश्चिम दिशा में अच्‍छा माना जाता है।

शौचालय

घर में घुसते ही शौचालय नहीं होना चाहिए।

 

posted Oct 12, 2016 by anonymous

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शिक्षा-वास्तु टिप्स

पढने और सोने की दिशा आपकी एकाग्रता और सोचने की क्षमता को बढ़ता है।

यह बहुत ज़रूरी है की छात्र सही दिशा में बैठ कर पढ़ें। इसका अनुसरण करने से उनका आज्ञाचक्र ठीक से सक्रिय हो जाता है, जिससे उनमे नयी उमंग और एकाग्रता उत्पन्न होती है।

अध्ययन कक्ष (स्टडी टेबल) को साफ़ सुथरा रखा जाना चाइये, जिससे सुनने और एकाग्रता के साथ अवधारणाओं को समझने के लिए छात्र सक्षम होते है। पूर्व और उत्तर दिशा मे पढ़ाई करनी चाहिए।

रिश्ते-वास्तु टिप्स

अच्छे संबंध और सोने की दिशा परिवार के लोगो में अच्छे बदलाव आते है। सोते समय दक्षिण या पूर्व की दिशा मे अपना सिर होना चाहिए।

रसोई घर-वास्तु टिप्स

रसोईघर का स्थान हमारे जीवन और परिवार के लिए महत्त्वपूर्ण है। रसोईघर आपके घर के मुख्य द्वार के सामने नहीं होना चाहिए, उसका प्रभाव परिवार के आरोग्य पर पड़ता है।

रसोईघर घर की सबसे महत्त्वपूर्ण जगहों में से एक हैं। इसका प्रभाव आपके परिवार के आरोग्य और सम्पत्ति पर पड़ता है। 

रसोईघर में खाना बनाने के चूल्हे और बर्तन धोने की जगह में अंतर होना चाहिए।

मुख्य द्वार वास्तु

घर के मुख्य द्वार उसकी सजावट हमारे लिए लाभदायक होती है। वास्तु के अनुसार घर के मुख्य के सामने किसी भी प्रकार की बाधा नही होनी चाहिए जैसे की पेड़. बिजली का पोल।

मुख्य द्वार के सामने बाधा होना आपके घर में आनेवाली सम्पत्ति में रुकावट खड़ी कर सकती है।

घर का मुख्य द्वार गलत दिशा में हो तो उसका गलत प्रभाव आप के आरोग्यसम्पत्ति और समृद्धि पर पड़ता है।

आरोग्य वास्तु टिप्स

घर के दरवाजे और खिड़कियों के सही जगह/स्थान पर होने से आप के स्वाथ्य को प्रभावित करता है। इससे आपके घर में सकारात्मक हवा का प्रभावप्रकाश और शक्ति का निर्माण होता है।

 

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